- बगल पर लेटें, घुटने मोड़े हुए। कूल्हों, घुटनों और पैरों में 90° का कोण रखें।
- ऊपर वाले घुटने को बाहर की ओर घुमाएं, बिना अपने कूल्हे को पीछे गिराए।
- एक क्षण के लिए रोकें (या थेरेपिस्ट/ट्रेनर के निर्देशानुसार) और नीचे रखे घुटने पर आराम दिए बिना शुरुआती स्थिति में लौटें


