- एक करवट पर घुटने मोड़कर लेटें। कूल्हे, घुटने और पैर 90° के कोण पर हों।
- ऊपर वाली टांग को नीचे वाली टांग से कुछ सेंटीमीटर ऊपर उठाएँ (15-20cm)
- ऊपर वाले घुटने को बाहर की ओर घुमाएँ, कूल्हे को पीछे न जाने दें।
- एक पल के लिए रुकें (या जैसा थेरापिस्ट/ट्रेनर ने बताया हो) और फिर घुटने को अंदर की ओर घुमाएं।
- एक तरफ लेटें, घुटने मोड़े हुए और घुटनों के आसपास लूप बैंड रखें। कूल्हों, घुटनों और पैरों में 90° का कोण बनाए रखें।
- ऊपर वाले घुटने को बाहर की ओर घुमाएँ, कूल्हा पीछे न जाए।
- एक पल के लिए रोकें (या थेरेपिस्ट/ट्रेनर के निर्देशानुसार) और नीचे वाले घुटने पर टिके बिना प्रारंभिक स्थिति में लौटें
- एक पैर पर संतुलन बनाएँ
- लटकी हुई टांग की उंगलियों से निशानों को छूने की कोशिश करें
- पैर को लक्ष्य की ओर और वापस लाते हुए संतुलन बनाए रखें।
- 4-पॉइंट पोजिशन (हाथ और घुटनों पर) में आ जाएँ।
- कूल्हों और कंधों को 90° पर रखें, रीढ़ तटस्थ रखें
- विपरीत हाथ और पैर को जमीन के समानांतर तक उठाएँ
- क्षणभर रुकें और शुरुआती स्थिति में वापस लौटें







